Steve Jobs Success Story in Hindi:- अगर आप सफल होना चाहते हैं, तो स्टीव जॉब्स की इस कहानियों को जरूर पढ़ें। Steve Jobs Success Story.

“मृत्यु एक सच है, और इस बात के एहसास है, की मैं जल्दी मर जाऊंगा। यह अपनी जिंदगी में बड़े निर्णय नहीं लेने मदद करते हैं। क्योंकि मैं जब भी कभी मृत्यु के बारे में सोचता हूं, तो सारी एक्सपेक्टेशन, फेल होने के डर सब कुछ गायब हो जाता है।”

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Steve Jobs- स्टीव जॉब्स

Steve Jobs Success Story in Hindi

यह कथन है दुनिया के महान (Entrepreneur) बिजनेसमैन और (Motivational Speaker) मोटिवेशन स्पीकर ‘स्टीव जॉब्स का। जब भी कभी दुनिया के प्रभावशाली इंटरवेनियंस का नाम लिया जाएगा, तो उसमें कोई नाम हो ना हो, एक एक नाम जरूर होगा, और को नाम है स्टीव जॉब्स का। जो की एप्पल कंपनी के को फाउंडर। (Steve Jobs Success Story in Hindi)

Steve Jobs Biography in Hindi

जॉब्स 12 जून 2005 को स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने अपने जीवन का सबसे प्रसिद्ध भाषण “Stay Hunger Stay Foolish” दिया था। इस भाषण में, उन्होंने अपने जीवन से जुड़ी कुछ कहानियाँ बतया था।

स्टीव जॉब्स का जन्म 24 फरवरी 1955 को  कैलिफोर्निया के सेन फ्रांसिस्को में हुआ था। स्टीव को जन्म देने वाली लड़की एक अनमैरिड लड़की थी, जोकि कॉलेज में पढ़ाई करते समय स्टीव को जन्म दिया था।

और इसी कारण स्टीव की मां स्टीव को अपने पास रखना नहीं चाहती थी। और बच्चे की एडॉप्शन के लिए पेरेंट्स ढूंढ रही थी।

लेकिन वो चाहती थी अडॉप्ट करने वाली पेरेंट्स ग्रेजुएट हूं और उन्हें ऐसी कपल मिल गई, जो ग्रेजुएट भी है और पिता के पास लायर की नौकरी भी थी। लेकिन एडॉप्शन के 1 दिन पहले उस कपल ने अपने विचार बदल लिया और एक बेबी बॉय के जगह एक बेबी गाल को अडॉप्ट करने का फैसला कर लिया।

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इसके बाद स्टीव जॉब्स की बायोलॉजिकल मां ने वेटिंग लिस्ट पर एक कपल को और रखा था। जो कि पॉल जॉब्स और क्लारा जॉब्स था, और उन्हें स्टीव जॉब्स को दे दिया। लेकिन वह ग्रेजुएट नहीं थे और एक गरीब परिवार से थे। फिर भी उन्होंने वादा किया की स्टीव जॉब्स को एक अच्छे स्कूल में पढ़ायेंगे और उसका अच्छे से ख्याल रखेंगे।

17 साल बाद गरीब एक परिवार में पले बढ़े स्टीव जॉब्स ने गलती से स्टैनफोर्ड जैसे महंगे कॉलेज में एडमिशन ले लिया। उनके वर्किंग पेरेंट्स की पूरी जमा पूंजी उनकी पढ़ाई में जाने लगी।

6 महीने बाद स्टीव जॉब्स को ऐसी पढ़ाई में कोई वैल्यू नजर नहीं आई। उन्हें कुछ नहीं समझ में आ रहा था कि उन्हें जिंदगी में क्या करना है। ये कॉलेज कैसे इन सब में उनकी मदद करेगा। आगे पढ़ाई के लिए उनके पेमेंट के पास पैसे नहीं बच्चे।

इसलिए उन्होंने कॉलेज ड्रॉपआउट करने का फैसला किया। उस समय तो उनके लिए यह निर्णय काफी डरावना था। लेकिन पीछे मुड़कर देखा जाए तो यह उनकी जीवन का सबसे अच्छा निर्णय था।

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जैसे उन्होंने कॉलेज छोरा उनके ऊपर से क्लासेस लगाने की पाबंदी खत्म हो गई और वह चुपचाप अपने इंटरेस्ट की क्लासेस लगाने लगी।

लेकिन यह सब इतना आसान नहीं था उनके पास रहने के लिए कोई रूम नहीं था। इसीलिए वह अपने दोस्तों के रूम में जाकर फर्श पर सो जाते थे। कोल्ड ड्रिंक की बोतल इकट्ठा करके उन्हें लौटाने से जो पैसा मिल जाते थे उनसे वो खाना खाते थे।

हर रविवार करीब 11 किलोमीटर पैदल चलकर वो हरे कृष्ण मंदिर जाते थे। ताकि कम से कम एक दिन भर भर पेट खाना खा सकें। उन्हें वहां आकर खाना खाना बहुत अच्छा लगता था।

अपने खालीपन में वह अपने जन्म देने वाली मां के बारे में सोचते रहते थे। की कैसे एडक्शन के लिए उन्हें दे दिया।

अपने अशांत मन की शांति के लिए 1973 में अपने मित्र डेण्कट के मदद से उनके साथ भारत यात्रा पर आए। और 3 महीने तक उत्तर भारत के पहाड़ों पर मंदिरों की यात्रा की। और उहा से उत्तराखंड के कैंची धाम मंदिर मेंबाबा नीम करौली के दर्शन के लिए गए। (Steve Jobs Success Story in Hindi)

लेकिन उनके जाने से 3 महीने पहले बाबा नीम करोली समाधि ले चुके थे। उनके दर्शन तो नहीं हुए, लेकिन वह घंटे तक मंदिर परिसर में बाबा के मूर्ति के आगे बैठे रहते थे। यह की आराधना उन्हें इतना प्रेरित किया कि उहा से आने के बाद वो हमेशा बाबा नीम करोली की तस्वीर अपने जेब में रखते थे।

यहां से जाने के बाद उनका मन शांत हुआ और जीवन की राहों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।

स्टीव जॉब्स ने अपने उत्सुकतावश जो कुछ भी किया, बाद में वो उनके लिए प्राइसलेस साबित हुआ।

उस वक्त रित कॉलेज शायद दुनिया के सबसे अच्छी जगह थी, जहां कैलीग्राफी सिखाई जाती थी। पूरे कैंपस में हार एक पोस्टर, हार एक लेवल बड़ी खूबसूरती से हाथों से कैलीग्राफी किया जाता था। उन्होंने वहा से कैलीग्राफी क्लासेस सुरु की और उन्होंने इसे अच्छी तरह से सीखा।

उस समय उन्हें जरा सा भी पता नहीं था की इन चीजों की यूज उनके लाइफ में कभी होगा।

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इसके 10 साल बाद वह अपने दोस्तों के साथ ‘मैकिन्टौश कंप्यूटर‘ बना रहे थे। तभी कैलीग्राफी उनके बेहद काम आई, उन्होंने कैलीग्राफी के मदद से मैकिनटोश कंप्यूटर डिजाइन की।

मैकिन्टौश कंप्यूटर टाइपोग्राफी दुनिया का पहला खूबसूरत ‘टाइपोग्राफी’ कंप्यूटर बन गया। अगर उन्होंने कभी कॉलेज ड्रॉपआउट नहीं किया होता तो इस खूबसूरत टाइपोग्राफी कंप्यूटर डिजाइन कभी तैयार नहीं कर पाता।

और विंडोज ने मैकिन्टौश की कॉपी की थी, तो शायद किसी भी पर्सनल कंप्यूटर मैं यह चीज कभी नहीं होती और स्टीव जॉब्स अगर कैलीग्राफी क्लासेस नहीं लगाते, तो कंप्यूटर में जो फ़ॉन्ट्स होते हैं वो होते ही नहीं।

और इसलिए आपको यकीन करना होगा की आज जो कुछ भी हो रहा है वो आगे चलकर आपके फ्यूचर में कैसे भी कनेक्ट होगा।

Steve Jobs Success Story

स्टीव जॉब्स 20 साल की उम्र में अपने पिताजी के गेराज से मैकिन्टौश कंप्यूटर के साथ एप्पल कंपनी की शुरुआत की।

10 साल के बाद एप्पल कंपनी दो लोगों की कंपनी से बढ़कर 4000 लोगों की कंपनी बन गई। और जिसका रेवेन्यू बढ़कर 2 बिलीयन डॉलर हो गया। कंपनी की ग्रोथ बर रहे थे और अच्छे प्रॉफिट के लिए जानी मानी कंपनी पेप्सीको के वाइस प्रेसिडेंट ‘जॉन केली’ करने एप्पल कंपनी के सीईओ नियुक्त किया।

उन्होंने सोचा था कि उनके साथ मिलकर कंपनी को आगे रन करेंगे। पहले 1 साल तो सब कुछ सही चला। फिर कंपनी के विजन को लेकर ‘जॉन केली’ और स्टीव जॉब्स के बीच में मतभेद होने लगे। और बात बोर्ड ऑफ डायरेक्टर तक पहुंच गया।

और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के मेंबर्स ने जब कली की बात को जॉन केली। और 30 साल की उम्र में उन्हें उनके ही बनाए हुए कंपनी एप्पल से निकाल दी गई।

विश्वास नहीं हो सकता कि जब खुद के ही बनाई हुई कंपनी से पब्लिकली बहार किया गया है। उनकेलिए यह एक तबाही भरा समय था।

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इस के अगले कुछ महीने तक उनको समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करें। बाद में उन्हें महसूस हुआ की सफलता का घमंड उन पर हावी हो चुका था। और इसीलिए उन्होंने अपने से बड़े (Entrepreneur) बिजनेसमैन को नीचा दिखाने की कोशिश की। जो उन्हें नहीं करना चाहिए था। अपने कंपनी से बेदखल किया जाना उनके जीवन का सबसे बड़ा लेसन था।

इसी के बाद वो आपने लाइफ के क्रिएटिव पीरियड में जा पाया है। अगले 5 सालों में उन्होंने एक कंपनी ‘NeXT‘ और दूसरी ‘Pixar’ बनाई।

इसी दौरान उनके मुलाकात ‘Laurene Powell’ से हुई, जो आगे चलकर उनके वाइफ बनी।

‘Pixar’ कंपनी ने दुनिया की पहली एनिमेटेड मूवी ‘टॉय स्टोरी बनाई है। और पिक्चर दुनिया का सबसे सफल एनिमेटेड स्टूडियो है।

इसके बाद एप्पल ने एक ऑनएस्पेक्टेड कदम उठाते हुए स्टीव जॉब्स की कंपनी ‘Pixar‘ को खरीदने का निर्णय लिया, और इस तरफ से स्टीव जॉब्स बापास अपने कंपनी एप्पल में आ गए।

आज अप्रैल ‘NeXT‘ द्वारा डिवेलप की गई टेक्नोलॉजी यूज करती है। अगर उन्हें एप्पल से नहीं निकाला गया होता तो उनके साथ सब कुछ नहीं होता। यह एक कड़वी दवा थी, पर शायद उन्हें इसी की जरूरत थी।

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करीब 1 साल बाद उनके तबीयत खराब रहने लगी। चेकअप के दौरान पता लगा कि उन्हें कैंसर है। डॉक्टर ने उन्हें यकीन के साथ बताया कि उन्हें ऐसा कैंसर है जिसका इलाज संभव नहीं है। और वो सिर्फ 3 से 6 महीने की मेहमान है।

डॉक्टर ने स्टीव जॉब्स को घर जाने की सलाह दी, जिसका इनडायरेक्ट मतलब था कि मरने के लिए तैयार हो जाओ। उन्होंने इस डायग्नोसिस के साथ पूरा दिन बिता दिया।

स्टीव जॉब्स के गले के रास्ते से पेट से होते हुए उनकी इंटेस्टाइन में एक एंडोस्कोप डाला गया और एक पिन से कुछ ट्यूमर निकाली गई।

तब स्टीव जॉब्स तो बेहोश थे, लेकिन उनके वाइफ वहां मौजूद थे। और उन्होंने बताया की जब डॉक्टर ने माइक्रोस्कोप से ट्यूमर के सेल देखें तो वह हैरान आए। दरअसल डॉक्टर समझ गए थे क्योंकि उन्हें एक विशेष प्रकार का कैंसर है, जो सर्जरी से ठीक हो सकता है। Steve Jobs Success Story

उनकी सर्जरी हुई और वो ठीक हो गए। मौत के इतना करीब उन्होंने कभी नहीं पौछे थे।

इसके बाद उन्होंने एप्पल कंपनी को उस बुलंदियों पर पहुंचाया, जहां पहुंचने के लिए हर छोटे बड़े कंपनी सपना देखती है। 2011 में एप्पल कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बन गई।

दुर्भाग्यवश 56 वर्ष की उम्र में, 5 अक्टूबर 2011 को उसी कैंसर के कारण स्टीव जॉब्स इस दुनिया को छोड़कर हमेशा के लिए चले गए। Steve Jobs Success Story in Hindi

स्टीव जॉब्स ने हमेशा अपने प्रोडक्शन मे क्वालिटी को क्वांटिटी से ऊपर रखा। इसीलिए आज भी एप्पल में स्टीव जॉब्स की झलक दिखती है।

आज भी अगर टॉप (Entrepreneur) बिजनेसमैन की लिस्ट बनाई जाए, तो संघर्ष से सफलता की लिस्ट में उनका नाम सबसे ऊपर होगा।

ये थी उनके जीवन की संघर्षपूर्ण कहानी (Steve Jobs Success Story in Hindi), जो हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगी। एप्पल कंपनी के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स अब हमारे साथ नहीं हैं, लेकिन अपने इनोवेशन के माध्यम से, वो आने वाले दशकों के लिए लाखों दिलों पर राज करेंगे। (Steve Jobs Success Story in Hindi)

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यह Steve Jobs Success Story in Hindi पढ़ने के लिए धन्यवाद।


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